ग्रह मंत्र
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गुरु बृहस्पति गायत्री मंत्र का जप कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
'ॐ वृषभध्वजाय विद्महे...तन्नो गुरुः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 19,000। गुरुवार, पीले वस्त्र, पुखराज/तुलसी। गुरु = ज्ञान/धर्म/विवाह/भाग्य। + विष्णु पूजा।
गुरु/बृहस्पति गायत्री: 'ॐ वृषभध्वजाय विद्महे अंगिरसपुत्राय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात्' अन्य: 'ॐ सुराचार्याय विद्महे सुरश्रेष्ठाय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात्' बीज: 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नम
गुरु पूर्णिमा विशेष। कैसे: पीले वस्त्र → पीले पुष्प/चने की दाल/केला भोग → पुखराज/तुलसी माला → उत्तर-पूर्व दिशा → 108 बार।
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