रामचरितमानस — बालकाण्ड
?
गुरु के चरणों की रज की तुलना किससे की गई बालकाण्ड में?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
नेत्र का अंजन (काजल) और अमृत-मूल-चूर्ण — 'गुरु पद रज मृदु मंजुल अंजन। नयन लाइ देखिअ मन मंजन' — ज्ञान-दृष्टि देने वाला।
गुरु चरणों की रज को नेत्र का अंजन (काजल) और अमृत-मूल-चूर्ण कहा — 'गुरु पद रज मृदु मंजुल अंजन।
नयन लाइ देखिअ मन मंजन' — गुरु चरण-धूलि नेत्रों में लगाकर मन शुद्ध करो। जिसे लगाने से ज्ञान-दृष्टि मिले और माया का अन्धकार दूर हो।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG