गुरु पुष्य योग में खरीदारी और पूजा का क्या महत्व है
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
गुरु पुष्य = गुरुवार + पुष्य नक्षत्र। धन-समृद्धि का सर्वोत्तम मुहूर्त। स्वर्ण/रत्न/सम्पत्ति/वाहन खरीद = अक्षय। बृहस्पति + विष्णु/लक्ष्मी पूजा। पीले वस्त्र-फूल। विवाह वर्जित (पुष्य में), अन्य सभी शुभ।
गुरु पुष्य योग = गुरुवार (बृहस्पतिवार) + पुष्य नक्षत्र। यह भी अत्यन्त शुभ मुहूर्त है।
क्यों विशेष: - बृहस्पति (गुरु) = देवगुरु, ज्ञान-धन-सौभाग्य का कारक। - पुष्य = पोषण, वृद्धि, समृद्धि का नक्षत्र।