गुरु-शिष्य परंपरा सनातन धर्म की वह जीवंत, पवित्र और शाश्वत व्यवस्था है जो आध्यात्मिक प्रज्ञा को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक अक्षुण्ण रूप में पहुंचाती है — गुरु शिष्य के अज्ञान का नाश कर उसे शिवत्व में
सनातन धर्म की आध्यात्मिक संरचना का मूल आधार गुरु-शिष्य परंपरा है।
यह केवल एक शैक्षणिक व्यवस्था नहीं, अपितु आध्यात्मिक प्रज्ञा (ज्ञान) को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक अक्षुण्ण रूप में पहुंचाने का एक जीवंत, पवित्र एवं शाश्वत सोपान है।