तुलसीदासजी ने गुरु की वन्दना में गुरु के चरणकमल की तुलना किससे की है?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
तुलसीदासजी ने गुरु के चरणकमलों की तीन उपमाएँ दीं — (1) गुरु के वचनों को महामोह-अन्धकार नष्ट करने वाली सूर्य-किरणें, (2) गुरु के चरण-रज को संजीवनी जड़ी (अमृत मूल) का सुन्दर चूर्ण, और (3) गुरु के चरण-नख
तुलसीदासजी ने गुरु वन्दना में गुरु के चरणकमलों की तुलना कई चीज़ों से की है।
पहली उपमा — गुरु को कृपा का समुद्र और नररूपी श्रीहरि कहा: 'बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि।