गुरुहत्यारे को — महापातक नरक (कीड़े खाते हैं), वैतरणी की यातना, कुंभीपाक जैसे भयंकर नरक। पुनर्जन्म में ब्रह्मराक्षस योनि। 'गुरु का अपमान = नरक के द्वार।'
गरुड़ पुराण में गुरु की हत्या या गुरु को कष्ट देना अत्यंत गंभीर पाप माना गया है।
महापातक नरक — 'महापातक नरक में गुरु को धोखा देने वालों को कीड़े खाते हैं। ' गुरुहत्या, गुरु को धोखा देना — ये एक ही श्रेणी में आते हैं।