उद्यापन और दान
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गुरुवार व्रत का उद्यापन कैसे करें?
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संक्षिप्त उत्तर
16 व्रत पूरे होने पर 17वें गुरुवार को हवन किया जाता है। हवन में 'ॐ गुरवे नमः स्वाहा' और 'ॐ विष्णवे नमः स्वाहा' बोलकर चने की दाल, गुड़ और घी से 108 आहुतियां दें।
16 गुरुवार पूर्ण होने पर 17वें गुरुवार को उद्यापन अनिवार्य है। इस दिन नित्य पूजा के बाद हवन कुंड में आम की लकड़ी जलाएं।
'ॐ गुरवे नमः स्वाहा' और 'ॐ विष्णवे नमः स्वाहा' मंत्रों से घी, हवन सामग्री और चने की दाल-गुड़ की 108 आहुतियां दें।
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