विस्तृत उत्तर
16 गुरुवार पूर्ण होने पर 17वें गुरुवार को उद्यापन अनिवार्य है। इस दिन नित्य पूजा के बाद हवन कुंड में आम की लकड़ी जलाएं। 'ॐ गुरवे नमः स्वाहा' और 'ॐ विष्णवे नमः स्वाहा' मंत्रों से घी, हवन सामग्री और चने की दाल-गुड़ की 108 आहुतियां दें। इसके बाद संकल्प पूर्ति की प्रार्थना करें और ब्राह्मण को दान देकर सात्विक भोजन कराएं।



