विस्तृत उत्तर
संकल्पित व्रत पूरे होने पर अंतिम शनिवार को उद्यापन किया जाता है। पूजा के बाद हवन कुंड में शमी की लकड़ी जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय स्वाहा' मंत्र बोलते हुए काले तिल, जौ और घी से 108 आहुतियां दें। इसके बाद किसी सुपात्र ब्राह्मण को उड़द दाल के व्यंजन (जैसे दही बड़े, इमरती) का सात्विक भोजन कराएं और दान देकर विदा करें।



