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विस्तृत उत्तर
व्रत का उद्यापन महाशिवरात्रि या मार्गशीर्ष की शिवरात्रि को करना श्रेष्ठ है। उद्यापन में पंचाक्षर मंत्र (ॐ नमः शिवाय) से हवन करें। इसके बाद 12 या 14 ब्राह्मणों को सात्विक भोजन कराएं और उन्हें वस्त्र, बर्तन व दक्षिणा देकर विदा करें। अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करनी चाहिए।
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