ज्ञान मार्ग: 'अहं ब्रह्मास्मि' — आत्मा-ब्रह्म एकत्व का बोध = मोक्ष। साधन: विवेक + वैराग्य + षट्सम्पत्ति + मुमुक्षुत्व। विधि: श्रवण → मनन → निदिध्यासन। गीता 4.38 — ज्ञान से पवित्र कुछ नहीं। यह सबसे प्र
ज्ञान योग (ज्ञान मार्ग) आत्म-ज्ञान के माध्यम से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है।
आदि शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत में इसे सर्वोत्तम मार्ग बताया है।