हाँ — श्रवण=भक्ति प्रथम मार्ग। शांति, भय कम, सकारात्मकता। पर पढ़ना>सुनना(पूर्ण प्रभाव)। ड्राइविंग/कुकिंग=सुनें, पूजा=पढ़ें। कुछ न करने से सुनना 100x बेहतर।
हाँ — सुनना भी लाभकारी। शास्त्रीय: नवधा भक्ति — *'श्रवणं कीर्तनं विष्णोः'* — श्रवण(सुनना) = भक्ति का प्रथम मार्ग।
लाभ: वातावरण शुद्धि, मानसिक शांति, भय कम, नकारात्मकता दूर, सकारात्मक ऊर्जा, बच्चों/बीमारों के लिए (स्वयं न पढ़ सकें)।