हनुमान-कथाओं की शिक्षाएँ — शक्ति को सेवा में लगाओ, अहंकार में नहीं; निःस्वार्थ सेवा सर्वोच्च है; गुरु-समर्पण सफलता की नींव है; महान उद्देश्य से जीने वाला अमर होता है; और संकट में भी धैर्य-विवेक बनाए र
हनुमानजी का जीवन शक्ति और भक्ति के सर्वोत्तम समन्वय का उदाहरण है। उनसे जीवन की हर स्थिति में शिक्षा मिलती है।
शक्ति और भक्ति का समन्वय — हनुमानजी असीम शक्तिशाली थे — पर्वत उठा सकते थे, सागर लाँघ सकते थे — परंतु उस शक्ति का उपयोग उन्होंने सदा राम के काम के लिए किया, अपने लिए कभी नहीं।