हनुमान जी का मूल बीज मंत्र 'हं' है। 'हं' में वायु शक्ति, प्राण और बल समाहित है। 'हं हनुमते' दो बीजों का संयोग अत्यंत शक्तिशाली है। रुद्राक्ष माला से 108 बार 'हं' जप करें।
हनुमान जी के बीज मंत्र का वर्णन हनुमत्-तंत्र और हनुमान पुराण में मिलता है: 1।
हनुमान का मूल बीज मंत्र: > हं (Ham/Hang) यह हनुमान जी का एकाक्षरी बीज है: - 'ह' = हनुमान — वायु, प्राण और बल की शक्ति - 'अनुस्वार (ं)' = अनंत शक्ति का प्रसार 2।