हनुमान पूजा में: स्नान, लाल वस्त्र, सिंदूर लेपन, चमेली तेल का दीप, 21 लाल गुड़हल, गुड़-चना भोग, 'ॐ हं हनुमते नमः' का 108 बार जप, हनुमान चालीसा पाठ और आरती करें। मंगलवार-शनिवार को सिंदूर का चोला अर्पण
हनुमान जी की पूजा हनुमान पुराण और वाल्मीकि रामायण की परंपरा पर आधारित है: शुभ समय: - मंगलवार और शनिवार — विशेष दिन - सूर्योदय और सूर्यास्त — प्रातः और सायंकाल - ब्रह्ममुहूर्त — गहन साधना के लिए - चैत
स्नान और तैयारी: स्नान करके लाल या नारंगी वस्त्र धारण करें। संकल्प: 'श्री हनुमत् प्रसाद प्राप्ति हेतु पूजन करता/करती हूँ।