हरतालिका तीज: भाद्रपद शुक्ल तृतीया। निर्जला व्रत (जल भी वर्जित)। बालू से शिव-पार्वती प्रतिमा → षोडशोपचार पूजा → कथा श्रवण → रात्रि जागरण → अगले दिन पारण। कथा: पार्वती ने शिव प्राप्ति हेतु किया। सौभाग्
हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है। यह सुहागिन स्त्रियों का कठोरतम व्रत है — निर्जला (बिना जल)।
भाद्रपद शुक्ल तृतीया की पूर्व रात्रि से संकल्प। प्रातः स्नान → श्रृंगार → हरे वस्त्र। बालू/मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाएँ।