हवन-भस्म (विभूति) माथे पर लगाने से भय दूर होता है, नज़रदोष और बाधाओं से रक्षा होती है। तीन क्षैतिज रेखाएँ (त्रिपुंड) त्रिमूर्ति का प्रतीक हैं जिससे शिव-पूजा का पूर्ण फल मिलता है और आत्मशुद्धि होती है।
हवन की भस्म (विभूति) को शिव का प्रसाद माना जाता है। इसे माथे पर लगाना एक अत्यंत पवित्र परंपरा है।
शास्त्रीय महत्व: शिव पुराण के अनुसार शिव स्वयं भस्म धारण करते हैं। हवन की अग्नि 'शिव की अग्नि' है और उससे प्राप्त भस्म विभूति कहलाती है।