गीता (6/11-15) और योगसूत्र के अनुसार ध्यान के लिए — एकांत स्थान, उचित आसन, प्राणायाम, इष्ट विषय पर धारणा और नियमित अभ्यास आवश्यक है। ध्यान का उद्देश्य चित्त की एकाग्रता और अंततः समाधि एवं मोक्ष की प्र
हिंदू धर्म में ध्यान कैसे किया जाता है? ध्यान की परिभाषा: पतंजलि योगसूत्र (3/2) के अनुसार — *'तत्र प्रत्ययैकतानता ध्यानम्'* — किसी एक विषय पर चित्त का एकाग्र, अविच्छिन्न प्रवाह ही ध्यान है।
ध्यान की विधि — गीता अध्याय 6 के अनुसार: चरण 1: उचित स्थान और आसन - एकांत, पवित्र स्थान का चयन करें - कुशा, मृगछाल या वस्त्र बिछाएं - सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन में बैठें - रीढ़, गर्दन और सिर को सीध