हिंदू धर्म में ज्ञान दो प्रकार का है — परा विद्या (ब्रह्म-ज्ञान) और अपरा विद्या (शास्त्रीय ज्ञान)। गीता (4/38) के अनुसार ज्ञान सबसे बड़ा पवित्रकर्ता है; आत्मा और ब्रह्म की एकता का साक्षात्कार ही परम ज
हिंदू धर्म में ज्ञान क्या है? ज्ञान के दो स्तर (मुण्डकोपनिषद 1/1/4-5): परा विद्या (Higher Knowledge) जिसके द्वारा अक्षर ब्रह्म का साक्षात्कार हो — यह परा विद्या है।
यह आत्मा और ब्रह्म की एकता का ज्ञान है। यही मोक्षदायी ज्ञान है।