त्योहार पूजा
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होली पर होलिका दहन की विधि क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
होलिका दहन: फाल्गुन पूर्णिमा संध्या → भद्रा रहित मुहूर्त → होलिका पूजन (जल, रोली, अक्षत, नई फसल) → 3-7 परिक्रमा → अग्नि प्रज्वलन → गेहूँ बालियाँ भूनें → प्रसाद। कथा: प्रह्लाद बचे, होलिका जली — बुराई प
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को किया जाता है। अगले दिन रंगों की होली (धुलेंडी) मनाई जाती है।
पौराणिक कथा: दैत्यराज हिरण्यकशिपु की बहन होलिका को वरदान था कि अग्नि उसे जला नहीं सकती।
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