इंद्र का वज्र महर्षि दधीचि की अस्थियों से बना था। दधीचि ने वृत्रासुर के वध के लिए अपने प्राण त्यागे और विश्वकर्मा ने उनकी हड्डियों से यह अद्भुत अस्त्र निर्मित किया।
इंद्र देव के वज्र की कथा त्याग और बलिदान की एक महान पौराणिक गाथा है, जो श्रीमद्भागवत महापुराण के षष्ठ स्कंध में और स्कंद पुराण में विस्तार से मिलती है।
वृत्रासुर नामक महाशक्तिशाली दैत्य ने देवताओं को स्वर्गलोक से खदेड़ दिया था।