इंद्र ने कर्ण से उनका दिव्य कवच-कुण्डल लिया जो जन्म से शरीर पर था और जिसके रहते कर्ण अजेय था। बदले में इंद्र ने वासवी शक्ति दी — जो केवल एक बार प्रयोग होती थी।
इंद्र और कर्ण के बीच हुए इस विनिमय की कथा महाभारत की सबसे प्रसिद्ध और प्रेरणादायक घटनाओं में से एक है।
इंद्र ने क्या लिया — इंद्र ने कर्ण से उनका दिव्य कवच और कुण्डल लिए। यह सूर्यदेव का वरदान था जो कर्ण को जन्म से ही प्राप्त था।