आधुनिक जीवन में ईश्वर से जुड़ाव के लिए — रोजमर्रा में नाम-स्मरण करें, कृतज्ञता रखें, प्रकृति में ईश्वर देखें, सेवा को भक्ति बनाएँ, और दिन में 5-10 मिनट शांत एकांत में बैठें। भगवान पूजाघर में नहीं, हर
आधुनिक जीवन में ईश्वर से जुड़ाव बनाना कठिन लगता है, परंतु शास्त्रों में बताए मार्ग आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
दैनिक जीवन में स्मरण — संत कबीर ने कहा था — 'सुमिरन की सुधि यूँ करो ज्यों गागर पनिहार' — जैसे पनिहारिन सिर पर घड़ा उठाए सारे काम करती है और घड़ा नहीं गिरता, वैसे ही रोजमर्रा के काम करते हुए भगवान का स