तीर्थ यात्रा
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जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा आध्यात्मिक महत्व
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संक्षिप्त उत्तर
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया; तीन रथ। भगवान बाहर = सबके लिए; रथ खींचना = सेवा/मोक्ष। चैतन्य प्रभु। जगन्नाथ = जगत नाथ = सबके। 'Juggernaut' = जगन्नाथ रथ से।
रथ यात्रा = आषाढ़ शुक्ल द्वितीया; विश्व प्रसिद्ध; जगन्नाथ (कृष्ण), बलभद्र, सुभद्रा तीन विशाल रथों पर गुंडिचा मंदिर तक। आध्यात्मिक महत्व: 1।
भगवान स्वयं बाहर आते हैं — गर्भगृह से बाहर; सभी वर्ण/जाति = समान दर्शन। 'जगन्नाथ = जगत के नाथ' — सबके भगवान।
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