जल चोरी/दुरुपयोग — यमदूत का उलाहना, यममार्ग पर भयंकर प्यास, वैतरणी में रक्त-मवाद से प्यास। 'जल-स्रोत नष्ट करने वाले को नरक।' जलदान से प्रायश्चित।
गरुड़ पुराण में जल से संबंधित पापों और दंडों का विशेष उल्लेख है।
यमदूत का उलाहना — गरुड़ पुराण में यमदूत पापियों से कहते हैं — 'सुलभ होने वाले भी जल और अन्न का दान कभी क्यों नहीं दिया?' जल को अनुचित रूप से लेने और दूसरों को वंचित करने वाले को यह उलाहना मिलता है।