जलंधर की अजेयता के दो कारण — शिव-तेज से जन्म (देवताओं से शक्तिशाली) और पत्नी वृंदा का अखंड सतीत्व जो अभेद्य दिव्य कवच था। जब तक वृंदा का सतीत्व अखंड था, शिव भी उसे युद्ध में नहीं जीत सके।
जलंधर की अजेयता के दो प्रमुख कारण थे। पहला कारण — शिव-तेज: जलंधर शिव के तेज से उत्पन्न था। इसलिए वह शक्ति में देवताओं से भी श्रेष्ठ था।
शिव के तेज से जन्मा होने के कारण शिव के अलावा कोई और उसे पराजित नहीं कर सकता था।