जलंधर की उत्पत्ति इंद्र के अपमान पर कुपित शिव के तेज से समुद्र में हुई। सिंधु-पुत्र होने से 'जलंधर' नाम पड़ा। शिव-तेज से उत्पन्न होने से देवताओं से शक्तिशाली था। दैत्यराज कालनेमी की पुत्री वृंदा से वि
जलंधर की उत्पत्ति की कथा शिव पुराण और देवी भागवत पुराण में वर्णित है। उत्पत्ति — एक बार देवराज इंद्र शिव का दर्शन करने कैलाश गए।
भगवान शिव ने उनकी परीक्षा के लिए अवधूत का वेश धारण किया। इंद्र ने उस अवधूत को पहचाना नहीं और अपमानजनक व्यवहार किया। इससे शिव क्रोधित हुए।