जनेऊ बदलें: प्रतिवर्ष श्रावण पूर्णिमा (श्रावणी/उपाकर्म) पर। टूटने-गंदा होने पर तुरंत। सूतक-अशौच समाप्ति पर। श्मशान से लौटने पर। विधि: पहले नया धारण (मंत्र सहित) → फिर पुराना उतारें → नदी/पीपल पर विसर्
जनेऊ (यज्ञोपवीत) बदलने के प्रमुख नियम इस प्रकार हैं: 1।
नियमित बदलाव — श्रावणी पर्व: प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा (रक्षाबंधन) को 'श्रावणी' या 'उपाकर्म' पर्व पर जनेऊ बदलने का मुख्य विधान है।