जनेऊ नियम: बाएँ कंधे-दाहिनी बगल (सव्य), पितृकर्म में अपसव्य। ब्रह्मचारी 3 सूत्र, गृहस्थ 6 सूत्र। शरीर से न उतारें, धोकर साफ करें। शौच में दाहिने कान पर लपेटें। चाबी न बाँधें। टूटा-जीर्ण तुरंत बदलें। प
जनेऊ (यज्ञोपवीत) धारण करने के शास्त्रोक्त नियम इस प्रकार हैं: 1।
धारण की स्थिति: जनेऊ बाएँ कंधे के ऊपर और दाहिनी बगल के नीचे (उपवीती/सव्य) धारण किया जाता है। यही सामान्य स्थिति है जिसे 'सव्य' कहते हैं।