जनेऊ के तीन सूत्र त्रिमूर्ति (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) के प्रतीक हैं; देवऋण, पितृऋण और ऋषिऋण के प्रतीक हैं; सत्व-रज-तम के प्रतीक हैं; और गायत्री मंत्र के तीन चरणों के प्रतीक हैं।
यज्ञोपवीत (जनेऊ) में तीन मुख्य सूत्र होते हैं और प्रत्येक सूत्र में तीन-तीन धागे होते हैं — इस प्रकार कुल नौ धागे होते हैं।
इन तीन सूत्रों के अनेक प्रतीकार्थ शास्त्रों में वर्णित हैं: पहला अर्थ — त्रिमूर्ति प्रतीक: तीनों सूत्र ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक हैं।