मध्यरात्रि पूजा क्योंकि: कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, रोहिणी) में हुआ (भागवत 10.3)। अभिजित मुहूर्त। जागरण तप। अंधकार (अज्ञान) में प्रकाश (कृष्ण) का उदय — अवतार का मूल सन्देश।
जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि में पूजा करने का सीधा कारण श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में होना है।
भागवत पुराण के अनुसार: भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र, मध्यरात्रि (निशीथ काल) में मथुरा के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी और वसुदेव के पुत्र रूप में जन्म लिया।