जप में सावधानियाँ: शुद्ध उच्चारण करें, रीढ़ सीधी रखें, जप बीच में न रोकें, माला किसी को न दें, जप की संख्या गोपनीय रखें। जप काल में मांसाहार और तामसी भोजन वर्जित। यांत्रिक जप से बचें — प्रत्येक मंत्र
जप करते समय सावधानियाँ तंत्र शास्त्र और मंत्र महोदधि में विस्तार से वर्णित हैं: उच्चारण सावधानियाँ: 1।
शुद्ध उच्चारण अनिवार्य: मंत्र महोदधि में कहा गया है — 'मंत्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जगत्पते। यत् पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे।