अर्जुन ने जयद्रथ वध के लिए पाशुपतास्त्र चलाया था। कृष्ण की माया से नकली सूर्यास्त करके जयद्रथ को बाहर लाया। पाशुपतास्त्र ने सिर सीधे पिता की गोद में पहुँचाया।
अर्जुन ने जयद्रथ वध के लिए पाशुपतास्त्र का प्रयोग किया था — महाभारत के सबसे नाटकीय और भावपूर्ण प्रसंगों में से एक।
पृष्ठभूमि — 13वें दिन जयद्रथ ने चक्रव्यूह के द्वार पर पांडवों को रोककर केवल अभिमन्यु को प्रवेश करने दिया था।