दैनिक आचार
?
जूठा खाना भगवान को चढ़ा सकते हैं या नहीं
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
नहीं — सर्वथा वर्जित। शुद्ध, ताजा, अस्पर्शित भोजन ही भगवान को। शबरी/विदुरपत्नी = भक्ति चरम (अपवाद, नियम नहीं)। भोग पहले → प्रसाद → ग्रहण — क्रम उल्टा नहीं।
नहीं — जूठा (एंठा/उच्छिष्ट) भोजन भगवान को अर्पित करना सर्वथा वर्जित है। शुद्धता — भगवान को शुद्ध, ताजा, अस्पर्शित भोजन ही अर्पित होता है।
नैवेद्य नियम — भोग बनाते/चढ़ाते समय चखना भी वर्जित (प्रश्न 493)। सम्मान — जूठा = अपमान। भगवान को सर्वश्रेष्ठ ही अर्पित।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG