कैलाश संहिता (6,000 श्लोक) में कैलाश धाम की महिमा, शिव का आदियोगी स्वरूप, योग-ध्यान-मोक्ष मार्ग, शिव के पंचमुख स्वरूप और शिव-तत्व का दार्शनिक विवेचन है।
कैलाश संहिता शिव पुराण की छठी संहिता है और इसमें 6,000 श्लोक हैं। इसका नाम भगवान शिव के निवास स्थान कैलाश पर्वत के नाम पर है।
मुख्य विषय — कैलाश संहिता में मुख्यतः शिव-तत्व का गहन दार्शनिक विवेचन है।