पौराणिक कथा
?
कालभैरव पर लगा 'ब्रह्महत्या' का पाप कैसे दूर हुआ?
PAURANIK.ORG
संक्षिप्त उत्तर
ब्रह्मा जी का सिर काटने के कारण कालभैरव पर ब्रह्महत्या का पाप लगा था। जब वे भिक्षाटन करते हुए काशी (वाराणसी) पहुंचे, तब वहां की पवित्र भूमि पर पैर रखते ही वे इस पाप से मुक्त हुए।
स्कन्दपुराण (काशी खंड) के अनुसार, कालभैरव ने अपने नाखून से ब्रह्मा जी का निंदा करने वाला पांचवां सिर काट दिया था।
चूंकि ब्रह्मा सृष्टिकर्ता (ब्राह्मण) थे, इसलिए भैरव पर 'ब्रह्महत्या' का पाप लग गया और कटा हुआ सिर उनके हाथ से चिपक गया।
📖
सम्पूर्ण उत्तर पढ़ें
शास्त्रीय प्रमाण सहित विस्तृत उत्तर
पूरा उत्तर पढ़ें →
PAURANIK.ORG