स्तोत्र
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कालभैरव अष्टकम का पाठ कब करना चाहिए?
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संक्षिप्त उत्तर
शंकराचार्य रचित। कब: कालाष्टमी (कृष्ण अष्टमी), भैरवाष्टमी (मार्गशीर्ष), शनिवार/मंगलवार, रात्रि। उद्देश्य: भय नाश (काल=मृत्यु भय), शत्रु नाश, समय अधिपति, काशी मोक्ष। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।
कालभैरव अष्टकम आदि शंकराचार्य द्वारा रचित भगवान कालभैरव (शिव का उग्र रूप) की स्तुति है।
काशी (वाराणसी) के कालभैरव मंदिर से इसका विशेष संबंध है। कालाष्टमी (प्रत्येक कृष्ण अष्टमी): काल भैरव का विशेष दिन।
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