काली साधना
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काली कवच का पाठ करने की विधि और लाभ क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
रात्रि/संध्या। काली समक्ष, 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः'। शरीर अंग-अंग पर काली आवाहन। अमावस्या/शुक्रवार। लाभ: सर्वदिक् रक्षा, शत्रु विफल, अभय। गुरु उत्तम।
काली कवच = मां काली से शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा: विधि: 1। रात्रि/संध्या काल = काली पूजा का समय।
काली प्रतिमा/चित्र समक्ष, काले/नीले/लाल वस्त्र। 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' 3 बार जपकर आरंभ।
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