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काली साधना📜 कालिका पुराण, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

काली कवच का पाठ करने की विधि और लाभ क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

रात्रि/संध्या। काली समक्ष, 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः'। शरीर अंग-अंग पर काली आवाहन। अमावस्या/शुक्रवार। लाभ: सर्वदिक् रक्षा, शत्रु विफल, अभय। गुरु उत्तम।

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विस्तृत उत्तर

काली कवच = मां काली से शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा:

विधि

  1. 1रात्रि/संध्या काल = काली पूजा का समय।
  2. 2काली प्रतिमा/चित्र समक्ष, काले/नीले/लाल वस्त्र।
  3. 3घी दीपक + धूप।
  4. 4'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' 3 बार जपकर आरंभ।
  5. 5काली कवच पाठ — शरीर अंग-अंग पर काली के रूपों का आवाहन।
  6. 6अमावस्या/शुक्रवार/मंगलवार विशेष।

लाभ

  • सर्वदिक् सुरक्षा — नकारात्मक ऊर्जा, तांत्रिक बाधा, भूत-प्रेत।
  • शत्रु षड्यंत्र विफल।
  • भय निवारण — अभय प्राप्ति।
  • कठिन परिस्थितियों में रक्षा।

सावधानी: काली = उग्र देवी — श्रद्धापूर्वक, शुद्ध उच्चारण। गुरु मार्गदर्शन उत्तम।

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शास्त्रीय स्रोत
कालिका पुराण, तंत्र शास्त्र
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