काली मंत्र जप के लिए: ब्रह्ममुहूर्त (भक्ति साधना — सबके लिए), निशीथ काल (तांत्रिक — केवल दीक्षित साधक)। अमावस्या को 1008 जप विशेष। नित्य 108 जप। 'ॐ क्रीं काल्यै नमः' — सबसे सुरक्षित और प्रभावकारी मंत्
काली मंत्र जप के शुभ समय का वर्णन कालिका पुराण और शाक्त परंपरा में मिलता है: भक्ति मार्ग के लिए श्रेष्ठ जप काल: 1।
ब्रह्ममुहूर्त (प्रातः 4:00–5:36) — सर्वोत्तम: सात्विक वातावरण। मन सर्वाधिक एकाग्र। 'ॐ क्रीं काल्यै नमः' का जप यहाँ विशेष फलदायी।