नित्य साधना के लिए 108 बार (1 माला) पर्याप्त है। अमावस्या को 1008 और दीपावली काली पूजा पर 10,008 बार जप विशेष फलदायी है। मंत्र सिद्धि के लिए सवा लाख जप (पुरश्चरण) किया जाता है। रुद्राक्ष या काले हकीक
काली मंत्र जप की संख्या साधना के उद्देश्य और स्तर पर निर्भर करती है: नित्य साधना: - न्यूनतम: 108 बार (1 माला) — प्रतिदिन - मध्यम: 1008 बार (11 माला) — अमावस्या और विशेष दिनों में - उत्तम: 10,008 बार
जप की संख्या प्रतिदिन न घटाएं — यदि 108 से शुरू किया है तो प्रतिदिन 108 करें 2। मासिक धर्म के दौरान स्त्रियां जप कर सकती हैं (मानसिक जप) 3।