पूजा विधि
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काली पूजा की सही विधि क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
काली पूजा दीपावली रात, अमावस्या या नवरात्रि सप्तमी को करें। सरसों का दीप, 108 लाल गुड़हल, सिंदूर, खीर का भोग, काली ध्यान श्लोक, 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' का 108 बार जप और आरती — यह पूर्ण विधि है।
काली पूजा की शास्त्रोक्त विधि कालिका पुराण और महाकाल संहिता में वर्णित है: शुभ अवसर: - दीपावली की रात्रि (काली पूजा — विशेषकर बंगाल में) - प्रत्येक अमावस्या की रात - श्यामा पूजा (शुक्ल पक्ष की अष्टमी
आचमन व संकल्प: पूर्ण श्रद्धा के साथ संकल्प लें 2। काली माँ का ध्यान: > करालवदनां घोरां मुक्तकेशीं चतुर्भुजाम्।
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