कामदेव 'अनंग' (बिना शरीर/अंग के) नाम से जाने गये। शिवजी ने कहा — 'होइहि नामु अनंगु। बिनु बपु ब्यापिहि सबहि' — बिना शरीर के ही सबके हृदय में काम-भावना जगाते रहेंगे।
कामदेव भस्म होने के बाद 'अनंग' नाम से जाने गये। 'अनंग' का अर्थ है — बिना अंग (शरीर) का।
शिवजी ने रति को वरदान देते हुए कहा — 'अब तें रति तव नाथ कर होइहि नामु अनंगु।