कामदेव के भस्म होने पर रति ने शिव से क्षमायाचना और कठोर तपस्या की। पार्वती के निवेदन से शिव ने वरदान दिया — फाल्गुन पूर्णिमा को कामदेव अनंग रूप में जीवित होंगे और द्वापर में कृष्ण-पुत्र प्रद्युम्न के
कामदेव के भस्म होते देखकर उनकी पत्नी रति अत्यंत व्याकुल हो उठीं। यह प्रसंग रति के अनन्य प्रेम और समर्पण का उदाहरण है।
रति का विलाप — रति अपने पति का हश्र देखकर विलाप करने लगीं।