कामदेव ने शिवजी की तपस्या भंग करने के लिये क्या किया?
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संक्षिप्त उत्तर
कामदेव ने — (1) वसन्त ऋतु प्रकट की, (2) सारी सृष्टि को काम-वश किया, (3) करोड़ों उपाय किये पर शिवजी की समाधि न डिगी, (4) अन्त में आम के पेड़ पर चढ़कर पुष्प-धनुष से पाँच बाण शिवजी पर छोड़े।
कामदेव ने पहले अपना प्रभाव फैलाकर समस्त संसारको अपने वशमें कर लिया।
सुन्दर ऋतुराज वसन्त को प्रकट किया — वनोंमें नये फूल खिले, कोयल बोलने लगीं, मधुर-सुगन्धित पवन चलने लगा। सारी सृष्टि काम के वश हो गयी।