कन्या=देवी स्वरूप, सबसे प्रिय=सबसे बड़ा त्याग=सबसे बड़ा पुण्य। दो परिवार जोड़ती=सृष्टि दान। शास्त्रीय=सम्मान+विश्वास। आधुनिक: कन्या सहमति अनिवार्य=संबंध दान, सम्पत्ति नहीं।
कन्यादान = महादान — सभी दानों में श्रेष्ठ। कन्या = लक्ष्मी/देवी स्वरूप। दान = देवी अर्पण = सर्वोच्च।
सबसे प्रिय वस्तु: माता-पिता के लिए = पुत्री = सबसे प्रिय। सबसे प्रिय = दान = सबसे बड़ा त्याग = सबसे बड़ा पुण्य।