कपूर जलाने से टेरपेन यौगिक हवा में फैलते हैं जो जीवाणु-विषाणु नष्ट करते हैं। यह नकारात्मक ऊर्जा का विनाश करता है और सकारात्मकता लाता है। समर्पण का प्रतीक है — जलकर शून्य होना। आरती में कपूर से देवता क
कपूर जलाकर घर में घुमाना हिन्दू पूजा-परंपरा का अनिवार्य अंग है। आरती का समापन कर्पूर से ही होता है।
इसके धार्मिक, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक तीनों प्रकार के लाभ हैं।