'करै सो तपु जेहिं मिलहिं महेसू। आन उपायँ न मिटिहि कलेसू' — इसका अर्थ?
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संक्षिप्त उत्तर
अर्थ — ऐसा तप करो जिससे शिवजी मिल जायें, दूसरे किसी उपाय से यह कष्ट नहीं मिटेगा। नारदजी ने स्पष्ट किया कि शिवजी प्राप्ति का एकमात्र मार्ग कठोर तपस्या है, कोई और उपाय काम नहीं करेगा।
इस चौपाई का अर्थ है — ऐसा तप करो जिससे महेश्वर (शिवजी) मिल जायें। दूसरे किसी उपायसे यह कष्ट (क्लेश) नहीं मिटेगा।
यह नारदजी ने हिमवान से कहा — यदि तुम्हें कन्यापर प्रेम है तो जाकर उसे ऐसी शिक्षा दो कि वह ऐसा तप करे जिससे शिवजी मिल जायें।