कर्म मार्ग में फल की आसक्ति त्यागकर निष्काम कर्म से मोक्ष मिलता है। राज मार्ग में अष्टांग योग — यम से समाधि तक — के द्वारा चित्त को शुद्ध कर आत्म-साक्षात्कार होता है।
कर्म मार्ग और राज मार्ग — मोक्ष के दो प्रमुख पथ हैं जो सक्रिय साधना पर आधारित हैं।
कर्म मार्ग (कर्म योग) — गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने इसकी सबसे विस्तृत व्याख्या की है।