कर्म सिद्धांत: प्रत्येक क्रिया का फल मिलता है। गीता में कर्मयोग — 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन'। निष्काम कर्म मोक्ष का मार्ग, राग-द्वेष युक्त कर्म बंधनकारी। यह पुरुषार्थ का सिद्धांत है, भाग्यवा
कर्म सिद्धांत हिंदू धर्म का केंद्रीय और मूलभूत सिद्धांत है। 'कर्म' शब्द का अर्थ है 'क्रिया'।
मूल सिद्धांत: प्रत्येक क्रिया — चाहे शारीरिक (कायिक), वाचिक (वाणी) या मानसिक (मन) — एक प्रतिक्रिया (फल) उत्पन्न करती है।